How to choose right Car Insurance for your car

How to choose right Car Insurance

How to choose right Car Insurance :- इंडिया में आज के टाइम में टोटल पॉपुलेशन के  8 प्रतिशत लोगों के पास अपनी खुद की कार  है । मतलब हर 12 घरों में से 1 के पास अपनी कार है । तो जब कार का प्रीतशत इतना ज्यादा बड़ रहा है , तो जाहीर सी बात  है की कार इन्श्योरेन्स की डिमाँड भी बड़  रही है । इसीलिए आज के टाइम से बहुत सी कंपनीयां आपको कार इन्श्योरेन्स प्रदान करती हैं ।

तो इन  बहुत ज्यादा कॉम्पनीयों में से कोन सी बेस्ट कंपनी है आपकी कार के लिए , या कोन सी  इन्श्योरेन्स हमें आपको लेनी चाहिए आज हम आपके लिए कुछ मार्केट की सबसे बेस्ट इन्श्योरेन्स कॉमनी की सूची लेकर आयें  हैं ताकि आपको भी आपकी कार के लिए एक अछि इन्श्योरेन्स मिल सके ।

आज के इस पोस्ट में देखेंगे की कार इन्श्योरेन्स में क्या क्या टर्मिनालजी इस्तेमाल करी जाती है।

Car Insurance को केसे सिलेक्ट करना है ?

Car Insurance कार इन्श्योरेन्स में क्या क्या ऐड ऑन लेने चाहिए ।

और Car Insurance . कार इन्श्योरेन्स को रिन्यू करते बक्त आपको क्या क्या ध्यान में रखना चाहिए ।

हेलो दोस्तों मेरा नाम है अमनदीप आज जिसके बारे में हम बात करने जा रहे हैं आपको ऊपर पड़के पता चाल गया होगा तो आइए हम देखते हैं की को सी इन्श्योरेन्स कॉम्पनी हमारे लिए बेस्ट है ।

आपको पता होगा की आप जब भी इन्श्योरेन्स लेने जाते हो किसी एजेंट से तो बो हमेशा आपको बोलेगा की हमारी इन्श्योरेन्स सबसे बेस्ट है । लेकिन आपको खुद तय कारना है की कोन सी बेस्ट है और यह केसे सेलक्त करना आपको हम इस पोस्ट में बताएँगे ।

Types Of Car Insurance/Auto Insurance सबसे पहले तो बात कर लेते हैं की इन्श्योरेन्स के टाइप कोन कोन से हैं ।

इन्श्योरेन्स 2 प्रकार की होती है

  • 3rd Party insurance
  • 1st Insurance  Insurance /Own Damage insurance

what is 3rd Party insurance /3rd Party insurance क्या होती है ?

3rd Party insurance : इस प्रकार की इन्श्योरेन्स को खरीदना आपके लिए आवशयक है,

3rd Party insurance में क्लेम आपको नहीं मिलता या आपकी गाड़ी के लिए कोई क्लेम नहीं मिलता ।

3rd Party insurance में दूसरे बंदे को उसकी गड़ी के लिए क्लेम मिलता है ।

मान लो आपकी गाड़ी से किसी गाड़ी की टक्कर हो गयी और दोनों की कार टूट गयी या demege हो गयी और आपके पास अगर 3rd Party insurance है तो 3rd Party insurance का क्लेम आपकी गाड़ी के लिए नहीं बल्कि आपकी गाड़ी से जिस तीसरे बंदे की गड़ी की टक्कर हुई है उसको यह क्लेम मिलेगा ।

और इसके बिना आप गड़ी चला रहे हो तो यह एक कानून जुर्म है । 3rd Party insurance होना जरूरी है ।

What Is 1st Insurance  Insurance /Own Demege  insurance ? 1st Insurance  Insurance /Own Demege  insurance क्या होती है ?

1st Insurance  Insurance /Own Damage  insurance – 1st Insurance  Insurance /Own Damage  insurance  इस प्रकार की इन्श्योरेन्स का क्लेम हमारी गाड़ी को मिलता है । तनही तो इसका नाम Own Damage  insurance की अपने damage की भरपाई कराने बाली  इन्श्योरेन्स। तो यह दोनों इन्श्योरेन्स आपके पास होना जरूरी है ।

इसके तहत मेसे साथ कोई हादसा होता हैं , या ऐकसीडेंट होता तो यह सारा खर्चा insurance कंपनी देगी ।

अगर आप बेसिक own demege cover ले रहे हैं तो इसका मतलब है की क्लेम आपको

100 प्रतिशत मेटेल पर मिलेगा

50% प्लास्टिक ,शीशा ,रबर (टायर  एतियादी) मतलब इन सबके नुकसान का बाकी 50% आपको देना होता है ।

इस खर्चे से भी बचने के लिए अब हम insurance add On की बात करेंगे की हमें क्या क्या एक्स्ट्रा फसिलिटी अपनी इन्श्योरेन्स में ऐड करनी चाहिए या किसको हम छोड़ सकते हैं ।

सबसे  पहले जो बहुत बार आपने सुना होगा शब्द zero Depreciation Insurance  (ज़ीरो डेपरिसीऐशन इन्श्योरेन्स ) और इसको bumper to bumper Insurance (बम्पर टू बम्पर इन्श्योरेन्स ) और इसी को full coverage insurance (फूल कवरेज  इन्श्योरेन्स )भी बोलते हैं

What is zero Depreciation Insurance /bumper to bumper Insurance/full coverage insurance add-ons in Car Insurance ?

zero Depreciation Insurance एक insurance add-on है इसका मतलब है की जो इन्श्योरेन्स कंपनी आपकी कार demage पर क्लेम कुछ प्रतिशत का दे रही थी जैसा कई हमने ड़ेखा ही बेसिक प्लान में कंपनी आपको क्लेम का

100 प्रतिशत मेटेल पर

50% प्लास्टिक ,शीशा ,रबर (टायर  एतियादी) मतलब इन सबके नुकसान का बाकी 50% आपको देना होता है ।

यह सब आपको दे रही थी उसके ऊपर 50% आपको खर्च करना पड़ रहा था ।

zero Depreciation Insurance अगर आप ले लेते हो तो आपको यह 50% भी खर्च नहीं करना पड़ेगा यह सारा अब कंपनी ही खर्च करेगी ।

और इसका क्लेम प्रीमियम और डिप्रीशीऐशन आपकी कार के मोडल कार इंजन ओनर्शिप इतियादी के ऊपर निर्भर करता है ।

आपको अगर मोटा मोटा आईडीया दूँ तो zero Depreciation Insurance का प्रीमियम आप लेते हैं तो आपका टोटल प्रीमियम   आपके own damage cover प्रीमियम का  30% बड़ जाएगा ।

मान लो आपका own demege cover प्रीमियम rs500 और उसमें आप  zero Depreciation कवर या इन्श्योरेन्स भी ऐड कर लेते हो तो आपका टोटल अब 500 + 150 हो जाएगा । मतलब अब आपको प्रीमियम 650 देना पड़ेगा।

और यह add – on आप 5 साल से कम पुरानी कार के लिए ही ले सकते हो 5 साल के बाद ज्यादातर कॉम्पनियाँ आपको यह add-on आपको नहीं देती ।

How many times we get full claim by zero Depreciation in a year ?

मान एक साल के अंदर आपकी कार का एक्सीडेंट 3 बार होता है और आपने zero Depreciation Insurance ले रखी है तो इसमें आपको पूरा का पूरा क्लेम सिर्फ 2 बार ही मिलेगा , तीसरी बार यह zero Depreciation Insurance बाला क्लेम आपको नहीं मिलेगा ।

अभी हमने own damage cover और zero Depreciation Insurance भी ले लिया तो अब क्या कॉम्पनी आपको पूरा क्लेम देगी ?

तो इसका जबाब है नहीं देगी अभी कुछ और add-ons हैं जिनको समझना  बाकी है ।

अगला add-ons है :-

What is Consumables Rider add-ons in Car Insurance?

Consumables Rider (कॉमसूमबल्स राइडर ) :- अगर Consumables Rider भी आप अपनी इन्श्योरेन्स में ऐड कर लेते हैं तो बचा कूचा जो भी नेट बोलट और छोटी मोटी चीजें अगर आपकी कार को ठीक होने में लगती है , तो इसको ऐड करने के बाद आपका  यह खर्चा भी इन्श्योरेन्स कॉम्पनी करेगी ।

what is file charge in car insurance?

एक और चीज होती है जो कार इन्श्योरेन्स में यूज नहीं होती बो है file charge तो जब आप कार इन्श्योरेन्स लेते हैं तो आपका एक file charge भी लगते हैं जो तकरीबन 2000 तकम होते हैं जो आपको ही पी करने होते हैं । इसके लिए कोई भी ऐड ओन भी नहीं है ।

अब अगला जो शब्द जो आप हमेशा सुनते हो कार इन्श्योरेन्स लेते बक्त RTI coverage return to invoice(रिटर्न तो इन्वाइस )

what is RTI coverage return to invoice add-ons in Car Insurance?

मान लो आपकी कार चोरी हो जाती है और आपने RTI coverage return to invoice coverage ऐड-ons लिया हुआ है तो कंपनी आपकी गाड़ी चोरी होने पर आपको आपकी गाड़ी की invoice वैल्यू claim के रूप में आपको देती है । और यह ऐड-ऑनस भी आप शुरू के 2 – 3 साल तक अपनी इन्श्योरेन्स में ऐड कर  सकते हैं इसके बाद यह ऐड-ऑनस आप नहीं ले सकेंगे ।

इसके बाद और भी ऐड-ऑनस होते हैं जैसे की

24/7 road side assistance (24/7 रोड साइड एसीसटैंस )

what is 24/7 road side assistance (24/7 रोड साइड एसीसटैंस ) add-ons in Car Insurance

मान लो आप कहीं गए हों और आपकी कार बीच रास्ते मैनखराब हो गयी है और आपको नहीं समझ में आ रहा की क्या किया जाए तो अगर आपने   24/7 road side assistance अपनी इन्श्योरेन्स में ऐड किया है तो आप अपनी इन्श्योरेन्स कोंपनी में call कर सकते हैं और कॉम्पनी आपके लिए एक assistence भजेगा तो आपकी कार को नजदीकी वर्क्शाप तक लेके जाएगा ।या पार्क करवाती है और उसके गाड़ी लेजाने का खर्चा भी इन्श्योरेन्स कॉम्पनी ही देती है ।

इसके बाद जो ऐड-ऑनस है बो है Loss Of Car Key Charges Are Also Includeded ;-  

What is Loss Of Car Key add-ons in Car Insurance?

इस ऐड-ऑनस में अगर आपकी के गुम हो जाती है तो अगर आपने Loss Of Car Key Charges ऐड-ऑनस लिया हुआ है तो कॉम्पनी आपको आपके कार के लिए डुप्लिकेट चाबी बना के देती है । अब यह भी उन्होंने लिखा होता है की कितने तक की के बह बना के देंगे ।

engine cover add-ons in car insurance

ईसके बाद engine cover add-ons इंजन कवर  :- इसमें अगर आपकी गाड़ी का इंजन सीज हो गया या सर्विस हो गयी अगर आपने engine cover add-ons लिया है तो यह सब भी कंपनी कराएगी ।

tyre cover add-ons in car insurance

आप अपने tyre cover add-ons  के भी ऐड -ऑनस है मान लो चलते चलते आपकी कार के टायर फट गए अगर आपने tyre cover लिया होगा तो कंपनी आपके टायर देगी ।

 और भी छोटे छोटे add-ons

Loss of Personal Belongins

Loss of Personal Belongings (लॉस ऑफ पर्सोनल बिलोंगी)

इसमें भी स्पेसिफ़ होता है की कितने तक की चीज का आपको क्लेम मिलेगा ।

अगला जो बहुत ज्यादा कॉमन add-ons है बप है

what is Loss of Personal Belongings in car insurance

IDV(Insured declared Value ) यह एक प्रीमियम कैल्क्यलैट करने का मेथड है जिसमें आपकी कार की मार्केट वैल्यू के अनुसार आपका प्रीमियम निर्धारित किया जाता है ।

इसका फॉर्मीला है

IDV  = Listed Value – Depriciation

जितना IDV  की वैल्यू बड़ेगी उतना आपका प्रीमियम बड़ जाएगा जितनी IDV की वैल्यू कम होगी आपका प्रीमिउम भी कम होगा

Idv की वैल्यू मान लो 1 लाख रूपये है तो कॉम्पनी आपको 1 लाख रुपये तक ही क्लेम देगी उसके बाड़ आपको कुछ भी नहीं मिलेगा ।

Factor use to decide IDV :-

IDV निकालने के बहुत से फैक्टर है जिनका प्रयोग करके कोई भी कॉम्पनी idv निकालती है ।

IDV कैल्क्यलैट होता है आपकी गाड़ी की क्यूबिक कपैसिटी cubic capacity । ज्यादा cubic capacity है तो ज्यादा IDV औरे कम है तो कम IDV

कार डीजल है या पेट्रोल इससे भी IDV डिसाइड होता है ।

आपकी कार कितनी पुरानी है जितनी पुरानी कार उतना कम idv

इण सब के आधार पर एक IDV को बनाया जाता है।

Why Insurance Primmum Are Different For all  The Companies:-

आपकी क्यों सभी इन्श्योरेन्स कॉम्पनियों का प्रीमियम सैम idv कैल्क्यलैशन होने के बावजूद भी अलग अलग आता है ।

तो इसका जबाब है की हर एक कॉम्पनी का अलग अलग फैक्टर होते हैं , अलग अलग डिस्काउंट फीचर होते हैं । तो इसलिए सबके अलग अलग प्रीमियम आते हैं ।

सभी कॉमपियाँ अपना अपना अलग रेट deside करती है की कोन सी कार पर क्या रेट रहेगा ।

जैसे hondai की कोई कार है तो उसपर क्या रेट होगा कोई ओर कॉम्पनी है तो उसपर के रेट होता ते यह सब अपना अपना अलग रेट रकहते हैं इसलिए सबके प्रीमियम अलग अलग आते हैं ।

यह तो बह सब हो गया तो हमारे  हाथ में नहीं हैं लेकिन जो हमारे हाथों में है बो कोन कोन से फैक्टर हैं ।

जैसे की idv

What Is no claim bonus

जैसे की no claim bonus  (इसका मतलब अगर हम कोई क्लेम नहीं लेते हैं तो कॉम्पनी हमे no claim bonus देती है साल में )

पहले साल आपको 20% no claim bonus मिलेगा

दूसरे साल आपको 30% no claim bonus मिएगा

ऐसे ही आपको 50% तक no claim bonus मिलता है अगर आप क्लेम नहीं लेते हो तो ।

इसका मतलब है की आपको यह पैसे कॉम्पनी देती नहीं है आपके प्रीमियम से उतना प्रतिशत पैसे कम कर देती है आपके प्रीमियम का ।

what Is voluntary deductibles

आप voluntary deductibles भी ले सकते हैं

और anti theft device भी लगा सकते हैं अपनी कार में  anti theft device लगा लेते हैं जिस से आपकी कार चोरी नहीं होगी अगर anti theft device आपकी कार में लगा होता हो अलार्म बजने लग जाएगा जिस से आपकी कार सैफ रहेगी तो इस पर भी कॉम्पनी आपको कुछ प्रीमियम में डिस्काउंट दे देती है ।

formula to calculate Own Damage Calculate own damage premium in car insurance

Own Damage = ( insured declared value x Premium Rate ) + Add-ons – no claim bonus

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